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झील नगरी की झिलमिलाहट (राजस्थान पर्यटन सीरीज 2)

#पर्यटन_सीरीज
#द्वितीय

इस बार रुख करते है मेवाड़ की ओर...महाराणा प्रताप के चेतक से मिलने या यूँ कहें सिसोदिया वंश के बसाये शहर को देखने ❤️ सबसे रोमांटिक सिटी को महसूस करने ,झीलों की नगरी 'उदयपुर' में ।

शुरू करने से पहले जरूरी बात ,स्कूटी या बाइक किराए पर लेकर ही लुत्फ़ उठाइयेगा इस यात्रा का ।

म्हे भी म्हारी डुग डुग से ए चाल्या

शाम को चेतक एक्सप्रेस में दिल्ली से बैठोगे फिर नींद खुलेगी तो पाओगे खुद को सबसे सुंदर शहर के साफ़ सुथरे रेलवे स्टेशन पर,यही से बस जाएगा दिल में आपके रूमानियत भरा मौसम वाला ये शहर ।

ठौर ठिकाना ढूंढ़ कर सुस्ताना और फिर 'जगदीश जी' के मंदिर से आशीर्वाद लेके शुरू करना अपनी यात्रा ,रस्ते भर में 'जूतियों,कुर्तियों,फर्नीचर,शोपीस,डायरीयाँ और भी अनगिनत सामान' ललचाएगा ,उसे अनदेखा न करना ,रंग रंगीली दुनिया को झोले में समेट लेना ,फिर बढ़ना 'पिछोला झील' की ओर..'अम्बराई' घाट पर रुकते हुए 'पिछोला' पहुंच जाना,फिर बोटिंग की इच्छा हो तो जरूर करना । अब 'बागोरां की हवेली' जाना,वहाँ कठपुतलियों में साँसे देना और खूबसूरती को आँखों में कैद कर लेना,शाम को यहाँ प्रोग्राम भी होता है ,नृत्य आदि ,जरूर सम्मिलित होने आना । अब 'दूध तलाई' घूम के रोपवे से 'मनसा करणी माता मंदिर' पूज आना ...थोड़ा रूकना और वापसी लौट के 'बावर्ची' या 'नटराज' में राजस्थानी थालियां छकना । अब 'सहेलियों की बाड़ी' घूमते हुए 'कलामण्डल' जाके कठपुतली नाच और नृत्य देखना ,फिर हुई शाम तो अब 'फ़तेह सागर' की पाल पर बैठ सबसे खूबसूरत नज़ारे तकना ,फिर 'सुखाड़िया सर्किल' में 'पैडल बोटिंग' का लुत्फ़ उठा लाइन से लगी स्टाल्स पर 'स्ट्रीट फूड' का आनंद लेना ,अब सर्दियो में गये हो तो 'सूरजपोल' होते हुए 'मलाई दूध' का मजा उठाना ।

'सात बहनों' के नाम से प्रसिद्ध झीलों में से बच रही 'रंग सागर', 'स्वरुप सागर' , गोवर्धन सागर' और 'कुमारी तालाब' घूम लेना ,चूँकि सभी एक दूसरे से जुड़ी है तो पास पास ही मिल जाएगी,अब 'फ़तेह सागर' वापस जाके दिन का स्वरूप देखते हुए 'बोटिंग' करना , 'नटनी का चबूतरा' घूमना,'गंगू घाट' में कूद कूद के नहाना, फिर निकल जाना 'सिटी पैलेस' जिसे 400 वर्षों में बने भवनों के समूह से बनाया गया है और 22 राजाओं का योगदान है ,काफी हिस्सा हैरिटेज होटल में परिवर्तित कर दिया गया हैं,जहाँ आप घूम सकते हैं जरूर पर विशेष अनुमति लेकर ,यहाँ 'सरकारी संग्रहालय,त्रिपोलिया गेट,सूरज गोखड़ा,मोर चौक,शिव निवास' जैसे कुछ हिस्से ख़ास है ,फिर खासम ख़ास जगह 'शीश महल' जिसे महाराणा प्रताप ने अपनी पत्नी के लिए बनवाया था । यहाँ से निकल अब जाना करीब 2 किमी दूर 'विंटेज कारों' के संग्रहालय में ,पास ही है 'फ़तेह प्रकाश महल' जो भी हैरिटेज होटल में परिवर्तित कर दिया गया है, करीब करीब महलों को हैरिटेज होटल्स ही बना दिए हैं जो विदेशियों को काफी भाते हैं,और उदयपुर इसलिए विदेशियों की सबसे पहली पसंद है । अब गुजरना गलियों से होते हुए 'पुरोहितों का तालाब' ,फिर जाना 'बड़ी लेक' ,इससे अच्छी जगह आप कहीं न पाएंगे,झीलों में पहाड़ ❤️ अब 'आहर', राजाओं की छतरियों पर जाया जा सकता है,शाम ढल गयी है 'सेलिब्रेशन मॉल' घूम आओ,राजस्थानी थीम की झलक मिल पाएगी ।

सुबह 'नीमच माता मंदिर' ट्रैक करना, 'बोर गणेश' देखना और फिर 'मानसून पैलेस' की ओर बढ़ना,यहाँ बीच में 'शिल्प ग्राम' देखने की जगह है,राजस्थान का छोटा गाँव सा लगेगा, जहां हर कला का प्रदर्शन है और हर छोटी चीज मिलती है ,इसी में 'स्कल्प्चर पार्क' है जिसमें पत्थर के बेजोड़ नमूने पेश किए गए है । दिसम्बर में मेला सा रहता है ,तब और भी आनन्द आएगा ,सुबह से रात 😇 ... 'बायो डाइवर्सिटी पार्क' से होते हुए 'सज्जनगढ़-मानसून पैलेस' पहुँचके उदयपुर
को 360° देखना और साँप जैसी रोड पर मस्ती करते हुए वो पल जी लेना ,अब हो सके तो 'जग निवास' , 'जग मंदिर' नामक पिछोला के दो आइलैंड ,जिन्हें 'लेक पैलेस होटल' का रूप दिया गया है ,विशेष अनुमति लेके नौका से जा आना ,'पिपलिया जी' जाओगे तो खाई,नदी,पहाड़,सीनरी सबका मजा एक बारी में आएगा ...रात को अम्बराई घाट से लगे 'अम्बराई रेस्तरां' में अपने साथी साथ 'लेक व्यू' का लुत्फ़ उठाना और रात्रि देर तक पिछोला पाल पर बैठ गहराइयों तक रौशनी तकना ।

कुछ अच्छे रेस्त्रां और लाउन्ज की लिस्ट शामिल किए है ,कुछ विदेशियों और गुजरातियों के बीच प्रसिद्ध हैं ,कुछ अपने 'लेक व्यू' के लिए प्रसिद्ध है,कुछ पार्टीज के लिए ...Helloboho लाउन्ज,लोटस कैफ़े,खम्मा घणी,सनसेट व्यू,व्हाइट टेरेस,कबाब मिस्त्री,oladar विलेज,यम्मी योगा,upre,ट्रिब्यूट,झूमर,राजा बाग़,गोरधन थाल,चिराग रूफ टॉप,Cafera बॉलीवुड कैफ़े,Pap'ज् juice,La Favela,The Hungry Psycho,Savage Garden,Trident,नमस्ते कैफ़े ।

कुछ महंगाई में लक्ज़री - 1559 AD,माइलस्टोन ऑफ़ मेवाड़,JAIWANA हवेली,ओबेरॉय उदयविलास,मोतीमहल इतिहास,अरावली लेक व्यू,The Darikhana, ओपन अफेयर,gala बाग,palki khand,O'zen,Amber ।

अब थोड़ा बाहर निकल जाइये,कैब बुक करवाना या बाइक से ही निकल जाना 'एकलिंग नाथ जी' जिनको 'कैलाशपुरी' के नाम से भी जाना जाता है और दो पहाड़ो के बीच बसा हुआ है ,भोर में उठके निकलना ,तभी सुबह पट बन्द होने से पहले दर्शन हो पाएंगे ,यहाँ से दौड़ लगा लेना विश्व प्रसिद्ध 'श्रीनाथ जी के नाथद्वारा' ,सुबह ही दर्शन कर यहाँ नाश्ता करना ,यहीं 'गणेश टेकरी' पर दर्शन होंगे '351' फ़ीट के विश्व के सबसे ऊंचे 'महादेव' के,जो अभी अंडर कंस्ट्रक्शन है । यही आते हुए 'चिरवा सुरंग' को महसूस कर ही लोगे ,अब 'महाराणा प्रताप' की गाथा सुनने निकलना होगा 'हल्दी घाटी' जहां नमन करना 'चेतक' और 'महाराणा' को ,यहीं उनको घास की रोटी खानी पड़ी थी ,जिसपर राजस्थानी गीत है 'हरे घास री रोटी' 😇 फिर एक बार पिकनिक पर 'चांदनी गाँव' चले जाना और 'नागदा ग्राम' घूम 'सहस्त्रबाहु अका सास बहु मंदिर' जरूर जाना

 अब आसपास राजसमंद की कुछ अच्छी अच्छी जगह भी है ,जिनमे से कुछ के दर्शन आपको करवा ही दिए है ,बाकी राजसमंद वाली सीरीज के लिए बचाते हुए ,इस हफ्ते विदा लेने का समय आ गया है ,घणी खम्मा ।


#घौघड़


बड़ी लेक

व्यू

                            फतेह सागर पाल
नीमच माता मंदिर

बागोरां की हवेली

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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